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यहां गैर मुस्लिम की है पाबन्दी, अगर जाता हैं तो होता है ये हाल!

June 18, 2019

लखनऊः जिस तरह से हमारे देश में कुछ मंदिरों के नियम बहुत सख्त हैं उसी तरह कई और धर्म को और किसी विशेष स्थान को लेकर सख्त हैं । जिस तरह कई पुराने मंदिरों के अंदर गैर-हिंदूओं के प्रवेश की मनाही है। इन मंदिरों में केवल हिंदू ही जा सकते हैं। किसी भी अन्य जाति, धर्म या सम्प्रदाय के लोग मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। जैसे कि उड़ीसा का जगन्नाथ मंदिर, वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर, माउंट आबू का दिलवारा मंदिर इत्यादि।


बता दे कि, इसी तरह बात हो मुसलमानों की तो क्या कभी सोचा है कि इस्लाम के पवित्र तीर्थ स्थल पर यदि कोई गैर-मुस्लिम चला जाए तो उसका अंजाम क्या होगा। आज हम आपको बताते हैं कि अगर कोई गैर-मुस्लिम मक्का में प्रवेश कर जाएं तो उसके साथ आखिर क्या होता है?जैसा कि हम सभी जानते है।

सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात तो ये है कि मक्का में कोई गैर-मुसलमान जा ही नहीं सकता क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां केवल इस्लाम धर्म को मानने वाले ही जा सकते हैं। मक्का में जाने के लिए एक विशेष परमिट की आवश्यकता पड़ती है जो इस बात का सबूत होता है कि यहां जा रहा व्यक्ति मुस्लिम है। परमिट देते वक्त इस बात का विशेष ख्याल रखा जाता है कि यहां गलती से भी कोई गैर-मुस्लिम न जा पाएं।

लेकिन, कभी ऐसा हो जाता है तो उस इंसान पर सरकार की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है या उसे देश से निकाल भी दिया जा सकता है। इस धर्म में ये मान्यता है कि यहां अगर को गैर-मुस्लिम प्रवेश कर ले तो ये जगह नापाक हो जयेगी।

यदि आपके पास है लाडली बिटिया तो सरकार देगी ₹51000, जाने शर्त!!

June 18, 2019

अगर आपके पास भी बेटी है तो ये खबर आपके लिए ही है. सत्तासीन मोदी सरकार ने हाल ही में शादी शगुन नाम की एक योजना का आरंभ किया है. इसके चलते सरकार ने कई क्रांतिकारी फैसले लिए हैं. आपको बता दें कि सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय की बेटियों के लिए इस योजना के तहत ₹51000 देने का प्रावधान किया है. गौरतलब है कि इस योजना में सरकार की तरफ से अल्पसंख्यक लड़कियों को ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई का खर्चा दिया जाएगा.
दरअसल गृह मंत्रालय के एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद खराब है तथा अल्पसंख्यक महिलाओं की स्थिति और भी बिगड़ती जा रही है. इसके चलते तमाम अल्पसंख्यक लड़कियों को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती है. यही वजह है कि अल्पसंख्यक लड़कियां काफी पिछड़ रही हैं तथा मोदी सरकार ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह योजना लांच की है.

हालांकि सरकार की तरफ से इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि छात्राओं को दी जाने वाली इस राशि का किसी भी प्रकार से दुरुपयोग न हो. इसीलिए सरकार की तरफ से इस राशि के लिए कई शर्तें भी रखी गई हैं. दरअसल ₹51000 की राशि उन्हीं अल्पसंख्यक लड़कियों को मिल सकेगी जिन्होंने स्कूली स्तर पर एमएईएफ की तरफ से मिलने वाली छात्रवृत्ति प्राप्त की होगी. इसके अलावा उपयुक्त लड़की के माता-पिता की सालाना आय भी ₹2 लाख से कम होनी चाहिए.

हालांकि शादी शगुन योजना के बारे में आप पूर्ण रुप से जानकारी प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार की अल्पसंख्यक विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं. सरकार के द्वारा उठाया गया ये कदम वाकई में क्रांतिकारी कदम है

प्रेमी युगल फाँसी के फंदे से झूले। क्षेत्र में सनसनी

June 18, 2019

चंद्रकोना, 18 जून (उदयपुर किरण). पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मोहनपुर दो नंबर अंचल के सीतारामपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक बरगद के पेड़ से एक प्रेमी युगल का लटकता हुआ शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई. स्थानीय लोगों ने पहले शवों को बरगद के पेड़ से लटकता हुआ देखा और पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों शवों को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतकों के नाम अनूप मंडल(25) और सोमाश्री मान्ना(28) है. सोमाश्री का दासपुर थाना इलाके में विवाह हुआ था. उसकी एक बेटी भी थी. सोमाश्री के साथ विवाह के बहुत पहले से सीतारामपुर के अनूप का प्रेम था. अनूप भिन्न राज्य में कार्य करता था. विवाह के बाद भी अनूप और सीमाश्री का प्रेम प्रसंग जारी रहा. इसको लेकर दोनों परिवारों में अक्सर अशांति हुआ करती थी. कुछ दिन पहले सोमाश्री अपने पिता के घर सीतारामपुर आई थी.

बताया जा रहा है कि सोमवार रात प्रेमी प्रेमिका ने अपने घर के सामने एक बरगद के पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद इलाके के लोग शोकाकुल हैं.

उल्लेखनीय है कि इसी महीने की 12 तारीख को घाटाल ब्लाक के बीरसिंह ग्राम में इस प्रकार की घटना घटी थी. पुलिस का कहना है की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों मौतों के सटीक कारण का खुलासा हो पाएगा. लेकिन प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का लगता है.

राजस्थान- जयपुर सहित कई जिलों में झमाझम बारिश, सड़के लबालब !!

June 18, 2019

मानसून के आने से पहले ही आज सु​बह सुबह जयपुर समेत राजस्थान के कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। बरसात के चलते शहरों की सड़कें लबालब हो गई और इससे शहरी सरकारों की पोल भी खुल गई।

मौसम विभाग ने कुछ दिनों पहले ही चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि वर्तमान सप्ताह में राज्य के कई जिलों में बरसात होगी और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।

आज सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ बारिश का दौर रुक रुककर 10.30 तक चलता रहा। इस दौरान जयपुर की मुख्य सड़कों पर पानी भरने से लोग परेशान होते रहे।

राहगीरों को सड़कों पर भरे पानी के अलावा कचरे के ढेर के कारण पानी जमा होने के कारण ज्यादा हुआ। बता दें कि दो दिन से शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है।

डोर टू डोर कचरा उठाने वाली कंपनी, बीवीजी के कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है, जिसके चलते सड़कों के किनारे कचरे का ढेर लगा हुआ है, इससे पानी जमा हो गया और नालियां चौक हो गई।

मौसम विभाग के अनुसार जयपुर के अलावा अजमेर, भरतपुर, सीकर, टोंक सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर में भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है।

विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 48 घंटों के दौरान कई जगह बरसात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में बरसात होने की उम्मीद है।

अब राशन कार्ड भी होंगे महिला मुखिया के नाम ।

June 15, 2019
नये राशनकार्ड के लिए बनाई जा रही है कार्ययोजना -शासन सचिव

जयपुर,14 जून (हि.स.) । शासन सचिव मुग्धा सिन्हा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार परिवार में वरिष्ठतम महिला मुखिया के नाम राशनकार्ड जारी करने की आवश्यकता, राशनकार्ड को बायोमैट्रिक फ्रेण्डली बनाने, विभिन्न तरह की सूचनाओं का निरन्तर अपडेशन करने, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन को राशनकार्डों से जोड़ने एवं भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर पोर्टेबिलिटी जैसी सुविधाओं का समावेश किये जाने की आवश्यकता पर नये राशनकार्ड जारी करने के लिए एक कार्ययोजना बनाई जा रही है। सिन्हा ने शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान यह बात कही।

उन्होंने वर्ष 2012-13 से पूर्व जारी मैन्युअल राशनकार्ड व 2012-13 के बाद जारी किये गये डिजीटाइज्ड राशनकार्डों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि राशनकार्ड का आवेदन फार्म इस प्रकार से डिजाइन किया जाये कि जिसमें राशनकार्डधारी परिवार की मुख्य सभी सूचनाओं का समावेश किया जा सके। उन्होंने बताया कि नवीन राशनकार्ड में बैंक खाता संख्या, गैस कनेक्शन की स्थिति, श्रेणी, जन्मतिथि, अटैच उचित मूल्य दुकान, सामाजिक श्रेणी, दूरभाष संख्या एवं खाद्य सुरक्षा में चयन क्रमांक आदि का अंकन हो तथा जिसमें प्रार्थी स्वयं सुरक्षित ढंग से संशोधन भी करा सके।

शासन सचिव ने बताया कि राशनकार्ड के आवेदन-पत्रों को ई-मित्र व अन्य उपलब्ध एजेन्सियों के माध्यम से ऑनलाईन प्राप्त करने, राशनकार्ड पर सुरक्षात्मक प्रतीक (लोगो) लगाने, एक रूपये प्रतिकिलो गेहूं की योजना का संचालन करने, सहरिया, कथौड़ी व खेरवा परिवारों को निःशुल्क गेहूं उपलब्ध कराने, राशनकार्ड पर होम डिलीवरी हाईटेक प्रणाली से स्वतः ही प्रार्थी प्रिन्ट ले सकने जैसी सम्भावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का प्रयास आम उपभोक्ताओं को सम्पूर्ण सूचनाओं सहित सही, सस्ता व सहज तरीके से राशनकार्ड उपलब्ध कराने का प्रयास है ताकि आम उपभोक्ता ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सके। सिन्हा ने तेल कम्पनियों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे अपने गैस कनेक्शन से संबंधित डाटा राशनकार्ड के साथ लिंक करवायें ताकि गैस युक्त राशनकार्डों पर केरोसीन के वितरण का दुर्पयोग न हो।

राशनकार्ड का फार्म व अन्य सूचनायें तैयार करने के लिए जिला रसद अधिकारी उम्मेद सिंह की अध्यक्षता में एक उपसमिति का गठन किया जायेगा जो आगे की कार्यवाही के लिए शीघ्र ही अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में वर्ष 2012-13 में राशनकार्ड अभियान चलाकर आम उपभोक्ताओं को डिजीटाइज्ड राशनकार्ड उपलब्ध कराये गये थे जो एक अप्रेल 2015 से लागू किये गये थे।
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न्दुस्थान समाचार/भागीरथ/संदीप

दहेज़ प्रताड़ना से तंग होकर मजबूर विवाहिता ने की आत्महत्या!!

June 15, 2019
गडरारोड. तहसील क्षेत्र के गिराब थाना अन्तर्गत फोगेरा गांव में बुधवार दोपहर एक विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। पीहर पक्ष ने हत्या का मामला दर्ज करवाया। पुलिस अधीक्षक मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जैसलमेर के झाबरा गांव निवासी मनमोहन सिंह पुत्र रतन सिंह ने मामला दर्ज करवाया कि उसकी बहन ललिताकंवर की शादी
अशोक सिंह पुत्र दानसिंह राजपुरोहित के साथ 2009 में हुई थी।

ससुराल पक्ष वाले विवाह के बाद से दहेज को लेकर सास हरिकंवर, ससुर दानसिंह, पति अशोकसिंह, ननद अम्बिका, मंजू उसके साथ मारपीट कर प्रताडि़त करते थे। इस दौरान समाज स्तर पर समझाइश की गई। वहीं कुछ समय के लिए उसे पीहर भी रखा, लेकिन सामाजिक स्तर पर समझाइश के बाद उसे वापिस भेज दिया।

बावजूद इसके उसके साथ मारपीट होती रही। दो बार उसे मारने का प्रयास भी किया गया। इसके बावजूद भी प्रताडऩा कम नहीं होने पर इस पर उसने बुधवार को आत्महत्या कर ली। मामले की जांच चौहटन उप अधीक्ष्ज्ञक अजीतसिंह कर रहे हैं। थानाधिकारी गिराब माधोसिंह ने बताया कि मामला दर्ज किया है।

चलो द्रोपदी शस्त्र उठा लो अब गोविन्द ना आयेगें |
मरूधरा की एक और बेटी दहेज के लालची कुत्तों की भेंट चढी |आखिर कब तक?
हम उस देश के निवासी है जहां नारी को शक्ति का रूप माना गया है उस देश में ऐसा हो रहा है |आखिर कब तक?
गलती किसकी?
गलती बेटी की नही है हमारे समाज की है जो हमने दहेज को स्टेटस का सवाल बना लिया |रिश्ता तो घरवाले तय करते हैं |साथियों आप सभी से निवेदन है कि ऐसे लोगो से रिश्ता ही नहीं करे |
ऐसे हरामी पिल्लों को सुधारने का समय आ गया है |
जो भी दहेज मांगे साले के भरे बाजार में जूते मारो |
मेरा आप सबसे यही सवाल है आखिर कब तक बहन बेटियाँ ऐसे ही जलती रहेगी दहेज की होली मे |
शायद सबका जवाब येही होगा कि जब तक हम ऐसे कुत्तों के आगे निवाला डालते रहेंगे तब तक |
आज ही सब संकल्प ले कि ना दहेज लेंगे और ना ही देंगे |
शादी से पहले ही मांग ले तो उस के साथ रिश्ता ही मत करो और बाद में मांगे तो जूत्ते मारो |आखिर कब तक बेटियाँ जलती ही रहेगी | अगर हम खुद सुधर गये तो समाज स्वयं ही सुधर जायेगा |
अगर मेरी बात से किसी दहेज प्रेमी समाज प्रेमी की भावनाएं आहत हुई हो तो मैं माफी चाहता हूँ |
अब और कोई बेटी दहेज की आग में ना जले |
अन्त में मेरा यही सवाल फिर से है कि आखिर बेटियाँ कब तक जलती रहेगी?

प्रेमी युगल ने किया खुद को शूटआउट...!

June 13, 2019
चौहटन(बाड़मेर)बड़ी खबर
प्रेमी युगल ने देशी कटटे से चलाई स्वयं पर गोली
दोनों ने प्रेम प्रसंग के चलते कर दी आत्महत्या
एक दूसरे के सामने खुद पर चलाई गोली
लीलसर सरहद में प्रेमी युगल ने की आत्महत्या
आमने सामने गोली मारकर आत्महत्या करने का पहला मामला
दोनों के पास थे देशी कटटे चला दी गोली
सुचना मिलने पर चौहटन पुलिस पहुंची मोके पर
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की जुटी भीड़
चौहटन थाना क्षेत्र के लीलसर सरहद गांव की घटना। बाड़मेर क्षेत्र में प्रेमी युगलों द्वारा  आत्महत्या करना  थम नहीं रहा है पिछले 2 सालों से कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें प्रेमी युगल फंदे से झूले हैं लेकिन यह पहला मामला है जिसमें  दोनों ने  अलग अलग देसी कट्टे से खुद पर गोली चला कर आत्महत्या की  अपनी  फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी की इस मामलेेेे के बाद पूरे बाड़मेर इलाके में सनसनी फैली हुई है !

नपुंसकता से छुटकारा पाने के 7 घरेलू उपाय देसी नुश्खे।

June 09, 2019
बचपन की ग़लत आदतों, व्यस्त जीवनशैली, गलत खान पान, शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से पुरुषों और व्यस्क लड़कों में मर्दाना कमज़ोरी की समस्या होना आम है। नपुंसकता एक ऐसी प्राब्लम है जिसके कारण पुरुष को कई बार शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। इस रोग की वजह से व्यक्ति महिला के संपर्क में आने से झिझकते हैं जिस कारण वो अपनी सेक्स लाइफ का आनंद नहीं ले पाते। इलाज ना होने पर इस समस्या से शादीशुदा व्यक्ति के जीवन में शादी टूटने की नोबत तक आ जाती है। इस लेख में हम नपुंसकता का उपचार के घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे जानेंगे, home remedy for impotence treatment in hindi.

अक्सर कुछ लोग नपुंसक नहीं होते पर किसी मानसिक रोग, डर या घबराहट की वजह से जल्दी उतेज़ित नहीं हो पाते और अपने पार्टनर से दूरी बनाने लगते है और कुछ समय बाद यही घबराहट और डर उसे नपुंसक बना देती है।




अक्सर जब व्यक्ति को मालूम पड़ता है की उसे नपुंसकता की बीमारी है तब वो डॉक्टर से मिलने में झिझकता है जिस वजह से उसका इलाज जल्दी शुरू नहीं होता। दूसरे रोगों की तरह नपुंसकता भी एक रोग ही है इस लिए आपको जेसे ही कोई मर्दाना कमजोरी या नपुंसकता के लक्षण दिखाई दे तभी डॉक्टर से मिले और जाने की ये कोई और बीमारी है या नपुंसकता ही है ताकी सही समय इसका उपचार हो सके।





नपुंसकता क्या है : What is Impotence

पुरुष का लिंग उतेजना आने के बाद जल्दी शांत हो जाना, उतेजना ना आना या फिर उतेज़ित होते ही वीर्य जल्दी निकल जाना नपुंसकता की बीमारी है। जिन पुरुषों में संभोग करने की उतेजना नहीं होती वे पूरी तरह से नपुंसकता से प्रभावित है और जो व्यक्ति उतेज़ित तो होते है पर जल्दी शांत हो जाते है वे आंशिक नपुंसकता से ग्रस्त है।



नपुंसकता के कारण : Causes

नपुंसकता रोग 2 कारणों से होता है – मानसिक और शारीरिक। अधिक तनाव लेना और जादातर चिंता में रहने पर मानसिक होता है और शरीर में किसी दूसरी बीमारी या कमजोरी की वजह शारीरिक है। कुछ और कारणों से भी नपुंसकता होती है।

हार्मोंस में बदलाव आना।
स्टेरॉयड लेने से भी व्यक्ति नपुंसक हो सकता है।
हाइ ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और शुगर भी नपुंसकता की वजह बनती है।
किसी दुर्घटना में नस कटना या स्पाइनल कॉर्ड में चोट लगना।
धूम्रपान, ड्रग्स और शराब का सेवन।
हस्तमैथुन जादा करने और स्वपनदोष जादा होने के कारण भी स्पर्म में कमी आ जाती है।


नपुंसकता के लक्षण : Impotence Symptoms

पार्ट्नर को छूते ही डिसचार्ज होना।
संभोग के वक़्त जल्दी वीर्य निकल जाना।
संभोग के वक़्त लिंग में कड़कपन ना आना या कड़कपन जादा देर तक ना रहना।


नपुंसकता का उपचार के घरेलू उपाय और नुस्खे

Impotence Treatment Tips in Hindi

इस लेख में हम कुछ आसान से घरेलू उपाय बता रहे है जिनके निरंतर प्रयोग करने पर आप नपुंसकता का इलाज कर सकते है।

1. जामुन की गुठली पीस कर इसका पाउडर बना ले और गरम दूध के साथ हर रोज ले। इस उपाय से स्पर्म की संख्या बढ़ने लगेगी।

2. शीघ्रपतन रोकने के लिए 1/2 चम्मच पीसी हुई मिश्री, 1/2 चम्मच सफेद प्याज का रस, 1/2  चम्मच शहद मिला कर हर रोज 2 बार ले।



3. 25 ग्राम सफेद मुसली और 10 ग्राम तुलसी के बीज लेकर इसका चूर्ण बना ले और इसमें पीसी हुई मिश्री 60 ग्राम मिलाकर एक डब्बी में डाल कर रख दे। 5 – 5 ग्राम चूर्ण सुबह शाम गाय के दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन से राहत पा सकते है।

4 बादाम, इलायची के दानों का 2 ग्राम ग्राम, 10 ग्राम मिश्री और जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम ले।  रात को बादाम की गिरियाँ पानी में भिगो दे और सुबह इन्हे पीस ले। अब बाकी की चीज़े और इस पेस्ट में मिलाये और साथ ही 2 चम्मच मखन मिलाकर सुबह के वक़्त सेवन करे। इस घरेलू उपचार से स्पर्म की संख्या बढ़ती है और मर्दाना कमजोरी की समस्या दूर होती है।

5. दो बादाम, चार से पाँच छुहारे और दो से तीन काजू 300 ग्राम दूध में उबाल कर इसमें मिश्री मिला ले और रात को सोने से पहले पिए। इस देसी नुस्खे से योन शक्ति और ताक़त बढ़ती है।

6. 200 ग्राम लहसुन को पीस ले और 60 ग्राम शहद में मिलाकर एक शीशी या डब्बी में भर कर अच्छे से बंद कर दे और इस शीशी को एक महीने के लिए अनाज में रख दे। 1 महीने के बाद 40 दिनों तक 10 ग्राम की मात्रा में इसका सेवन करे। इस उपाय से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है और योन शक्ति बढ़ती है।

7. वीर्य अधिक पतला हो तो आधा चम्मच हल्दी पाउडर एक चम्मच शहद में मिला कर सुबह सुबह खाली पेट सेवन करे। हर रोज इस उपचार को नियमित रूप से  करने पर संभोग शक्ति बढ़ती है।



नपुंसकता से बचने और इससे छुटकारा पाने के लिए योगा करने से भी फायदा मिलेगा।



नपुंसकता का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे



1. 

शीघ्रपतन रोकने के आसान व कारगार घरेलू उपाय

June 08, 2019
संभोग के समय चरम आनंद पर पहुँचने से पहले पुरुष का वीर्य निकल जाना ही शीघ्रपतन है, ऐसे में शारीरिक और मानसिक कमजोरी की वजह से वीर्य स्खलन पर कंट्रोल नहीं हो पाता। बहुत ही कॉमन प्रॉब्लम है और सामान्यतः दुनिया भर के 30 से 40% पुरुषों में पाई जाती है। ये भी माना जाता है कि हर पुरुष अपने जीवन काल में कभी न कभी शीघ्रपतन की समस्या से ग्रस्त होता है। इसलिए अगर आप इस समस्या से परेशान हैं तो खुद को अकेला मत समझिये, आप अकेले नहीं जूझ रहे बल्कि एक-तिहाई पुरुष जाति आपके साथ है। कुछ पुरुष सेक्स के दौरान जल्दी वीर्य झड़ने की समस्या का उपचार के लिए दवा लेते है पर बिना मेडिसिन शीघ्रपतन का इलाज घरेलू तरीके, देसी नुस्खे और आयुर्वेदिक दवा से भी कर सकते है। आइये जाने इन नुस्खों के बारे में।


* उड़द की धुली हुई दाल आधी कटोरी और पुराने चावल आधा कटोरी मिलाकर खिचड़ी बना लें। सुबह या शाम को इस खिचड़ी को देसी घी डालकर अच्छे से चबा चबा कर खाएं। इसके बाद एक गिलास गुनगुना मीठा दूध पी लें। इसे एक महीने तक खाएं। अपनी पाचन शक्ति के हिसाब से जितनी आसानी से पचा सकें उतनी ही खाएं। शुरू में मात्रा थोड़ी कम लें। फिर हजम हो रही है तो बढ़ाते जाएँ। बहुत अच्छी तरह चबाया जाना जरुरी है ताकि पच सके। पचेगी तभी असर होगा। बहुत लाभकारी और आसान है।

* 5 ग्राम अश्वगंधा पाउडर लेकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाएं और गुनगुने दूध के साथ सुबह शाम लें। कुछ समय तक लगातार लेने से फायदा होगा।

* रात को सोने से पूर्व 1 चम्मच अदरक का पेस्ट शहद के साथ चाटे। अदरक के सेवन से शरीर में गर्मी आती है और ब्लड का सर्कुलेशन भी अच्छा होता है।

* शिलाजीत का सेवन ज्यादातर सर्दियों में किया जाता है। इसके लिए माचिस की तीली बिना मसाले वाली साइड से डुबोकर जितना आये उतना शिलाजीत सुबह शाम दूध में मिलाकर लेते हैं गर्मियों में कम मात्रा में सेवन करते हैं।

* शतावर , अश्वगंधा और गोखरू तीनो 100 -100 ग्राम ( पंसारी के मिलेंगे ) लेकर बारीक पीस कर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में से एक चम्मच लेकर शहद में मिलाकर खा लें। ऊपर से एक गिलास ठण्डा मीठा दूध पी लें। इसे सुबह खाली पेट लें। रात को खाना खाने के दो घंटे बाद लें। तेल ,खटाई कम मात्रा में ही लें या नहीं लें।

* एक गिलास दूध में 10 ग्राम भिंडी पाउडर घोल कर पिए। इस उपाय को हर रात सोने से पहले करे एक महीने में ही आपको फरक दिखने लगेगा।

* पुरुषों में होने वाली यौन समस्या के देसी ट्रीटमेंट में कच्चा लहसुन भी फायदेमंद है। हर रोज 3 से 4 कलियां लहसुन की चबा कर खाये। लहसुन की कलियों को गाय के देसी घी में फ्राई कर के भी खा सकते है।

मौसम विभाग ने दी चेतावनी: राजस्थान में इस दिन दस्तक देगा मानसून

June 07, 2019
जोधपुर। मारवाड़ में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल है। भीषण गर्मी से त्रस्त जनजीवन अब मानसून का इंतजार कर रहा है लेकिन वह इस बार वह लंबा इंतजार करने वाला है। मौसम विभाग ने पहले 6 जून और अब 8 जून को आगमन संभावित बताया है लेकिन मानसून की चाल धीमी है। वह 8 दिन विलम्ब पर है और गति यही रही तो 10 जुलाई तक ही राजस्थान पहुंच पाएगा। दरअसल देश में मा
नसून प्राय: एक जून के आसपास केरल पहुंच जाता है लेकिन इस बार अब तक इसके संकेत नहीं मिले है। अभी श्रीलंका तक पहुंचा है और संभवत: 2 दिन बाद भारत पहुंचेगा। वहीं राजस्थान में मानसून एक जुलाई तक आता है लेकिन इस बार आसार है कि 10 जुलाई तक ही आ पाएगा। मौसम विभाग का कहना है कि इस बीच प्रदेश में कम हवा के दबाव क्षेत्र की स्थिति बनी तो मानूसन को गति मिल जाएगी। ऐसे में मानसून जल्दी पहुंच सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार 2018 में मानसून 27 जून को आया था लेकिन कम हवा दबाव का क्षेत्र बनने के बाद 2 ही दिन में उसने पूरे राजस्थान को छू लिया था। बता दे कि गर्मी के दिनों में तापमान उच्च रहता है और हवा का हल्की हो जाती है। इससे कम वायु दबाव का क्षेत्र बनता है। ऐसे में अधिक वायु दबाव वाले क्षेत्र से हवाएं आकर स्थान लेती है। ये हवाएं महासागर से आती है जिनमें नमी होती है। दक्षिण से आने के कारण उन्हें दक्षिणी हवाएं कहा जाता है। हवाएं देश के दक्षिणी-पश्चिमी गर और बंगाल की खाड़ी से आने हवाएं उत्तर की ओर बढ़ती है। ये जून के प्रथम सप्ताह में असम तक पहुंच जाती है। आगे जाकर ये हिमालय से टकराकर पश्चिम की ओर से मुड़ जाती है। मानसून 15 जून तक आधे भारत में फैल जाता है। यहां अरबसागर और बंगाल की खाड़ी की हवाएं भी मिल जाती है। ये पश्चिम और उत्तर वाले प्रदेश हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में एक जुलाई तक पहुंच जाती है। मानसून 10 से 15 जुलाई तक उड़ीसा, बिहार, छत्तीसगढ़ और झरखंड तक पहुंचता है।